आपकी वर्तमान ग्रह दशा का विश्लेषण

आपकी जन्म कुंडली की गणना के आधार पर, यहाँ आपके जीवन में चल रही वर्तमान दशाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत है। यह समय अवधि आपके निर्णयों को काफी हद तक प्रभावित कर रही है।

SAMPLE REPORT

दिनांक1 मई 2026

समय12:32:24

स्थान25.31°N 83.01°E

अयनांशलाहिड़ी

शैलीविंशोत्तरी

नक्षत्रस्वाति

राहु2026-05-01 12:32:24

गुरु2037-04-16 03:21:18

शनि2053-04-16 05:47:56

बुध2072-04-16 02:42:03

केतु2089-04-16 11:17:51

शुक्र2096-04-16 06:22:00

सूर्य2116-04-17 09:25:17

चंद्र2122-04-17 22:20:16

मंगल2132-04-17 11:51:54

भुक्ति

राहु

10 वर्ष 11 महीना 16 दिन

राहु - राहु

2019-04-16 12:36:21

राहु - गुरु

2021-12-27 17:13:06

राहु - शनि

2024-05-22 07:59:05

राहु - बुध

2027-03-29 07:31:12

राहु - केतु

2029-10-15 17:12:35

राहु - शुक्र

2030-11-03 05:40:12

राहु - सूर्य

2033-11-03 00:07:41

राहु - चंद्र

2034-09-27 17:39:56

राहु - मंगल

2036-03-28 14:53:41

गुरु - गुरु

2037-04-16 03:21:18

गुरु - शनि

2039-06-04 08:28:51

गुरु - बुध

2041-12-15 16:04:04

गुरु - केतु

2044-03-22 14:00:51

गुरु - शुक्र

2045-02-26 11:45:24

गुरु - सूर्य

2047-10-28 12:09:50

गुरु - चंद्र

2048-08-15 17:05:10

गुरु - मंगल

2049-12-15 17:17:23

गुरु - राहु

2050-11-21 15:01:56

शनि - शनि

2053-04-16 05:47:56

शनि - बुध

2056-04-19 01:18:30

शनि - केतु

2058-12-28 04:52:10

शनि - शुक्र

2060-02-06 00:41:20

शनि - सूर्य

2063-04-07 16:10:21

शनि - चंद्र

2064-03-19 16:01:03

शनि - मंगल

2065-10-18 23:45:34

शनि - राहु

2066-11-27 19:34:43

शनि - गुरु

2069-10-03 19:06:50

बुध - बुध

2072-04-16 02:42:03

बुध - केतु

2074-09-12 18:31:07

बुध - शुक्र

2075-09-09 23:37:13

बुध - सूर्य

2078-07-10 21:03:11

बुध - चंद्र

2079-05-17 08:16:58

बुध - मंगल

2080-10-15 18:59:57

बुध - राहु

2081-10-13 00:06:02

बुध - गुरु

2084-05-01 09:47:24

बुध - शनि

2086-08-07 07:44:11

केतु - केतु

2089-04-16 11:17:51

केतु - शुक्र

2089-09-12 14:48:35

केतु - सूर्य

2090-11-12 17:59:17

केतु - चंद्र

2091-03-20 14:08:29

केतु - मंगल

2091-10-19 15:43:50

केतु - राहु

2092-03-16 19:14:34

केतु - गुरु

2093-04-04 07:42:12

केतु - शनि

2094-03-11 05:26:45

केतु - बुध

2095-04-20 01:15:54

शुक्र - शुक्र

2096-04-16 06:22:00

शुक्र - सूर्य

2099-08-16 18:52:32

शुक्र - चंद्र

2100-08-17 01:01:42

शुक्र - मंगल

2102-04-17 19:16:59

शुक्र - राहु

2103-06-17 22:27:40

शुक्र - गुरु

2106-06-17 16:55:10

शुक्र - शनि

2109-02-15 17:19:36

शुक्र - बुध

2112-04-17 08:48:37

शुक्र - केतु

2115-02-16 06:14:35

सूर्य - सूर्य

2116-04-17 09:25:17

सूर्य - चंद्र

2116-08-04 23:16:01

सूर्य - मंगल

2117-02-03 14:20:36

सूर्य - राहु

2117-06-11 10:29:49

सूर्य - गुरु

2118-05-06 04:02:04

सूर्य - शनि

2119-02-22 08:57:24

सूर्य - बुध

2120-02-04 08:48:06

सूर्य - केतु

2120-12-10 20:01:53

सूर्य - शुक्र

2121-04-17 16:11:06

चंद्र - चंद्र

2122-04-17 22:20:16

चंद्र - मंगल

2123-02-16 07:27:54

चंद्र - राहु

2123-09-17 09:03:15

चंद्र - गुरु

2125-03-18 06:16:59

चंद्र - शनि

2126-07-18 06:29:12

चंद्र - बुध

2128-02-16 14:13:43

चंद्र - केतु

2129-07-18 00:56:42

चंद्र - शुक्र

2130-02-16 02:32:03

चंद्र - सूर्य

2131-10-17 20:47:19

मंगल - मंगल

2132-04-17 11:51:54

मंगल - राहु

2132-09-13 15:22:39

मंगल - गुरु

2133-10-02 03:50:16

मंगल - शनि

2134-09-08 01:34:49

मंगल - बुध

2135-10-17 21:23:59

मंगल - केतु

2136-10-14 02:30:04

मंगल - शुक्र

2137-03-12 06:00:48

मंगल - सूर्य

2138-05-12 09:11:30

मंगल - चंद्र

2138-09-17 05:20:42

ये परिणाम वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों पर आधारित सॉफ़्टवेयर द्वारा तैयार किए जाते हैं और केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं।

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वर्तमान महादशा का अर्थ

आप जिस मुख्य ग्रह की दशा से गुजर रहे हैं, वह आपके जीवन का एक बड़ा अध्याय है। अक्सर इस दौरान उस ग्रह के प्राकृतिक स्वभाव (जैसे मंगल की ऊर्जा या शनि का अनुशासन) के अनुसार ही जीवन में परिणाम मिलते हैं।

अंतर्दशा का प्रभाव

महादशा के स्वामी के साथ अंतर्दशा के ग्रह का आपसी संबंध (मित्रता या शत्रुता) यह तय करता है कि परिणाम कितने अनुकूल, मिश्रित या चुनौतीपूर्ण होंगे।

दशाओं का व्यावहारिक प्रभाव

कई मामलों में, अनुकूल दशाओं के दौरान व्यक्ति को अचानक करियर में उछाल, विवाह या धन लाभ का अनुभव होता है। इसके विपरीत, कठिन दशाएं आध्यात्मिक विकास और जीवन के कड़े सबक सिखाने के लिए आती हैं।

आने वाली दशाओं की तैयारी

भविष्य में कौन सी नई दशा आने वाली है, इसका ज्ञान आपको पहले से रणनीति बनाने में मदद करता है। बुरी दशाओं के प्रभाव को कम करने के लिए मंत्र या दान जैसे उपाय अत्यंत कारगर होते हैं।

दशाओं के साथ गोचर का महत्व

दशा के साथ-साथ ग्रहों की वर्तमान चाल का भी परिणामों पर बड़ा हाथ होता है। पूर्ण तस्वीर देखने के लिए अपनी दशा के परिणामों को हमारे 'ग्रहों की स्थिति' (गोचर) टूल के साथ मिलाकर पढ़ें।

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