कुंडली दोष और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव

ज्योतिष में कुछ विशेष ग्रह स्थितियां जीवन में बाधाएं, स्वास्थ्य समस्याएं या विवाह में देरी का कारण बन सकती हैं। इन 'दोषों' की सही पहचान करना समस्याओं को हल करने की पहली सीढ़ी है।

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कुंडली दोष क्या होते हैं?

जब पापी ग्रह (जैसे राहु, केतु या शनि) शुभ ग्रहों या महत्वपूर्ण भावों को पीड़ित करते हैं, तो दोष उत्पन्न होते हैं। यह स्थिति अक्सर पिछले जन्म के कर्मों का सूचक मानी जाती है।

मांगलिक दोष की जांच

मंगल की विशेष और उग्र स्थिति वैवाहिक जीवन में तनाव पैदा कर सकती है। विवाह से पहले इसकी जांच और उपयुक्त उपाय अत्यधिक अनुशंसित किए जाते हैं।

कालसर्प और पितृ दोष

जब सभी मुख्य ग्रह राहु और केतु के अक्ष के बीच आ जाते हैं, तो कालसर्प दोष बनता है। वहीं, सूर्य या गुरु के पीड़ित होने से पितृ दोष हो सकता है जो पारिवारिक प्रगति में बाधक है।

क्या डरना जरूरी है?

बिल्कुल नहीं। ज्योतिष में दोष केवल चुनौतियां हैं, कोई अभिशाप नहीं। हर दोष को शांत करने के स्पष्ट, तार्किक और कारगर उपाय मौजूद हैं।

अपनी कुंडली का विश्लेषण करें

अपनी जन्म कुंडली में किसी भी संभावित दोष या नकारात्मक ग्रह प्रभाव का पता लगाने के लिए अभी फॉर्म भरें और सही समय पर अपना मार्गदर्शन पाएं।

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