आपका विस्तृत दैनिक पंचांग
आपके द्वारा चुने गए स्थान और तिथि के अनुसार सटीक पंचांग गणना नीचे दी गई है। इस जानकारी का उपयोग करके आप अपने दिन के महत्वपूर्ण कार्यों को सही समय पर निर्धारित कर सकते हैं।
दिनांक
शुक्रवार 1 मई 2026 12:32:24
18 मेष
कलि वर्ष 5127
सूर्य
उदय05:25:57
अस्त18:24:31
चंद्र
उदय18:14:39
अस्त04:59:02
अवधि
दिन12:58:34 घंटा
रात11:00:41 घंटा
नक्षत्र
स्वाति
पद – 2
02:16:55 - 04:35:27 (+1)
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल पक्ष
(-1) 21:10:27 - 22:52:28
करण
बव
10:01:27 - 22:52:28
नित्य योग
सिद्धि
(-1) 20:51:30 - 21:11:48
राशि
तुला
अयन
उत्तरायण
ऋतु
ग्रीष्म
राहु काल
10:17:55 - 11:55:14
गुलिक काल
07:03:16 - 08:40:35
यमगंड काल
15:09:52 - 16:47:12
ब्रह्म मुहूर्त
03:57:51 - 04:41:54
अभिजित मुहूर्त
11:29:17 - 12:21:11
ये परिणाम वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों पर आधारित सॉफ़्टवेयर द्वारा तैयार किए जाते हैं और केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं।
तिथि और नक्षत्र का प्रभाव
आज की तिथि और चंद्र नक्षत्र संयुक्त रूप से दिन की ऊर्जा को परिभाषित करते हैं। कुछ नक्षत्र व्यापारिक और भौतिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं, जबकि कुछ केवल आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उत्तम होते हैं।
शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)
पंचांग में अभिजीत मुहूर्त जैसे समय को अत्यधिक शुभ माना गया है। इसके विपरीत, राहुकाल, भद्रा और गुलिक काल के दौरान नई शुरुआत या महत्वपूर्ण लेनदेन करने से बचने की स्पष्ट सलाह दी जाती है।
योग और करण का महत्व
दिन का 'योग' यह दर्शाता है कि आज किए गए कार्यों का समग्र परिणाम कैसा होगा (जैसे सिद्धि या बाधा)। वहीं 'करण' दिन के आधे भाग का प्रतिनिधित्व करता है और सूक्ष्म गतिविधियों को प्रभावित करता है।
चंद्र और सूर्य की स्थिति
सूर्य की राशि स्थिति आत्मा की शक्ति को दर्शाती है, जबकि चंद्र की राशि यह बताती है कि आज सामान्य रूप से आपका और लोगों का मूड कैसा रहेगा। इन दोनों का समन्वय समझना बहुत उपयोगी है।
दैनिक नियोजन कैसे करें?
इस पंचांग के अनुसार अपने दिन की रूपरेखा तैयार करें। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आज का गोचर विशेष रूप से आपकी जन्म राशि के लिए कैसा रहेगा, तो हमारे 'भविष्यफल' टूल का उपयोग करें।